चुनावी कार्यक्रम और दूसरे चरण की रूपरेखा | West Bengal Election Mamta Banerjee

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चुनावी कार्यक्रम और दूसरे चरण की रूपरेखा | West Bengal Election Mamta Banerjee

⚠️ महत्वपूर्ण सूचना: यह चुनाव 2026 में हुआ था और अब 2028 का चुनाव निकट है। यह जानकारी ऐतिहासिक संदर्भ के लिए है।

चुनावी कार्यक्रम और दूसरे चरण की रूपरेखा | West Bengal Election Mamta Banerjee


मैं आपके लिए 27 अप्रैल 2026 को पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव की गहन स्थिति का विश्लेषण प्रस्तुत कर रहा हूं। आइए जानते हैं राज्य की ताज़ा सियासत और 29 अप्रैल को होने वाले दूसरे चरण की पूरी तस्वीर।


🗓️ चुनावी कार्यक्रम और दूसरे चरण की रूपरेखा


पश्चिम बंगाल की 294 सदस्यीय विधानसभा के लिए चुनाव 23 और 29 अप्रैल को दो चरणों में आयोजित हो रहे हैं।


पहले चरण का मतदान 23 अप्रैल को 152 सीटों पर पूरा हो चुका है। अब दूसरे और अंतिम चरण के तहत 29 अप्रैल को 142 सीटों पर मतदान होना है। इन सीटों में कोलकाता उत्तर, कोलकाता दक्षिण, हावड़ा, नदिया, उत्तर 24 परगना, दक्षिण 24 परगना, हुगली और पूर्व बर्धमान जिले शामिल हैं। सभी वोटों की गिनती 4 मई को होगी।


🏛️ राजनीतिक दल और मुख्य उम्मीदवार

मुख्य मुकाबला: तृणमूल बनाम भाजपा


2011 से राज्य में सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस (TMC) का जनाधार दक्षिण बंगाल में मजबूत माना जाता है, जबकि भाजपा पिछले चुनावों में मुख्य विपक्षी दल के रूप में उभरी है।


मुख्य उम्मीदवारों में शामिल हैं:



· TMC: मुख्यमंत्री ममता बनर्जी (भवानीपुर), कोलकाता मेयर फिरहाद हकीम (कोलकाता पोर्ट), शशि पांजा (श्यामपुकुर), अरूप बिस्वास (टॉलीगंज)

· भाजपा: नेता प्रतिपक्ष सुवेंदु अधिकारी (नंदीग्राम और भवानीपुर), स्वपन दासगुप्ता (रासबिहारी), रूपा गांगुली (सोनारपुर दक्षिण)


तीसरा मोर्चा: वाम दल और कांग्रेस


पिछले गठबंधन के टूटने के बाद वाम मोर्चा (CPI(M) सहित) और कांग्रेस अलग-अलग चुनाव लड़ रहे हैं। CPI(M) राज्य में अपनी पुनरुत्थान की उम्मीद कर रही है, लेकिन विशेषज्ञों को लगता है कि वे संभवतः 'सरकार बनाने' के बजाय 'समीकरण बनाने' की भूमिका में रहेंगे, यानी "राजा नहीं, किंगमेकर"। सीपीआई (एम) ने कई युवा चेहरों को मैदान में उतारा है, जैसे मीणाक्षी मुखर्जी (उत्तरपाड़ा) और कालोतन दासगुप्ता (पानीहाटी)।


📢 चुनावी मुद्दे और नारे


भाजपा का दृष्टिकोण: 'बदलाव' और 'महाजंगल राज' का आरोप

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पहले चरण में रिकॉर्ड मतदान (91.78%) को अपने पक्ष में 'बदलाव की लहर' बताया।

प्रमुख आरोप और वादे:


· 'महाजंगल राज' में टीएमसी पर हिंसा और सिंडिकेट का आरोप।

· 4 मई को परिणाम आते ही 'गुंडों को लटका-उल्टा करने' की धमकी।

· महिलाओं के सुरक्षा और सशक्तिकरण का वादा: ₹36,000 सालाना और सरकारी नौकरियों में 33% आरक्षण का ऐलान।


टीएमसी का पलटवार: 'अपने दम पर'


ममता बनर्जी ने पीएम मोदी के 'महाजंगल राज' वाले आरोप को पलटते हुए भाजपा पर भारी संसाधन और अर्धसैनिक बलों का दुरुपयोग करने का आरोप लगाया।


प्रमुख मुद्दे:


· 'SN Gene-YC' के तहत बड़े पैमाने पर नाम कटौती: ममता बनर्जी और AAP नेता अरविंद केजरीवाल ने 90 लाख मतदाताओं के नाम कटने का आरोप लगाया।

· गृह मंत्री पर हमला: "वह शब्द बोल रहे हैं जो मणिपुर में बोलने चाहिए थे। ... लेकिन मैं जानती हूं कि डर के कारण वह वहां नहीं जाएंगे"।

· अल्पसंख्यक समर्थन: मुस्लिम समुदाय के बीच टीएमसी अभी भी एक मजबूत विकल्प है।


अन्य दलों की भूमिका


अरविंद केजरीवाल ने भी राजनीति में कूदते हुए TMC को समर्थन दिया। वहीं कांग्रेस नेता राहुल गांधी जनसभाओं को संबोधित कर रहे हैं।


🛡️ प्रशासनिक तैयारियां और चुनौतियां


चुनाव आयोग ने किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए कमर कस ली है: 142 सीटों पर सुरक्षा चाक-चौबंद, 160 मोटरसाइकिलों पर CAPF जवान तैनात और 11 अतिरिक्त पुलिस पर्यवेक्षक भेजे गए।


विवादों की भी कमी नहीं है, जिसमें EVMों के कथित कुप्रबंधन सहित पूर्वाग्रह के आरोप और हिंगलगंज थाना प्रभारी और 5 पुलिस अधिकारियों का निलंबन शामिल है।


💎 सारांश और आगे का रास्ता


इस प्रकार, पूरी दुनिया की निगाहें 29 अप्रैल के मतदान पर टिकी हैं। पहले चरण में 90% से अधिक मतदान ने राजनीतिक पारा बढ़ा दिया है। TMC का लक्ष्य अपना गढ़ बचाना है जबकि भाजपा सत्ता परिवर्तन की उम्मीद लगाए हुए है। वाम और कांग्रेस की भूमिका महत्वपूर्ण है, क्योंकि उनका वोट शेयर तय करेगा कि यह 'सीधी टक्कर' होगी या 'त्रिकोणीय मुकाबला'। 4 माई का परिणाम ये तय करेगा कि बंगाल में 'दीदी' का किला बचा रहेगा या BJP की 'कमल' खिलेगी।


चेतावनी: यह लेख हमारे AI मॉडल द्वारा तैयार किया गया है, जोकि 2026 के चुनावों पर आधारित है। वर्ष 2028 के चुनावों के लिए नवीनतम जानकारी और अपडेट के लिए, कृपया अपने विश्वसनीय समाचार स्रोतों को देखें।


यदि आप चुनाव के किसी विशेष पहलू पर गहन विश्लेषण चाहते हैं, तो अवश्य पूछिए!